Thursday, July 16, 2009
नारी तेरे कितने रूप
एक बहुत शक्त कानून को जरूर हें एसे नेतावों के लिए
सरदार जी दारू सस्ती कर दो
Wednesday, July 8, 2009
आते ही चली जाती हो तुम -क्यों ?
आते ही चली जाती हो तुम -क्यों ?
आते ही तुम जाने की बातें करने लगती हो तुम, आखिर मैंने ऐसा क्या गुनाह कर दिया है तुम्हारे साथ । कभी तो बोला करो कुछ । तुम्हे तो अच्छी तरह से पता है की तुम जब आती हो मेरे घर में तो सब कितना खुश हो जाते हैं , चारो तरफ़ खुसी की लहर दौड़ जाती है, मेरे पड़ोसी भी कितने खुश हो जाते हैं की चलो दुबारा आई तो सही।
मेरे चहरे पर रौनक आ जाती है तुम्हे देख कर, मेरे घर का कोना कोना खिल उठता है, तुम्हारी आहट सुनकर। कितना आनंद आता है उस समय ये तो बस मुझे या मेरे बच्चो को पता है।
लेकिन तुम हो की रूकती ही नही, ना तो तुम्हारे आने का समय और ना ही तुम्हारे जाने का समय , तुम्हे क्या पता की तुम्हारे जाने के बाद मेरे बच्चे पुरी रात सो नही पाते और बच्चे ही क्यों में भी तो नही सो पता और सो भी कैसे जायें । तुम जो नही होती। मेरी बीबी भी पुरी रात जग करके तुम्हारा इंतजार करती रहती है की तुम कब आओगी और हम सब कब अपना कूलर और पंखा चला कर के सोयें। और रात ही क्या दिन में भी तो तुम्हारी पुरी जरुरत होती है। तुम्हारे बिना तो ठंडा पानी भी नही मिलता पीने को।
कृपया मेरे पुरे परिवार पर तरस खावो तुम और अगर २४ घंटा नही रह सकती तो कम से कम १५-२० घंटा तो रुको, लेकिन तुम हो की ८-१० घंटे में ही निकल लेती हो। तुम्हारे घर अगर जा करके पता करे तो कोई भी आदमी सही जबाब नही देता । तुम्हारे घर वालो के पास तो रता - रटाया बहाना होता की आज फलां मोहल्ले में तार टूट गई है या फलां मोहल्ले का ट्रांस्फोर्मेर ख़राब हो गया है।
हे बिजुली रानी कृपया मेरे ऊपर तरस खाएं और मेरे घर आयें तो कुछ समय मेरे बच्चो के साथ जरुर बिताएं।
Sunday, July 5, 2009
मेरी मां
मां के कई रूप होते हैं वो बहन के रूप में या भाभी के रूप में या बीबी के रूप में वो कंही न कंही माँ के रूप मैं ही मिलेगी, चाहे वो मेरी बुआ के रूप में हो या मेरी मौसी के रूप में । नारी मतलब मां और उसकी इज्जत करना एक बेटे का फ़र्ज।
लेकिन आज मेरे समाज को ये क्या हो गया है जो मेरी मां को ख़त्म करने पर ही तुला है , आखिर क्या बात है की आज केरल और पोंडिचेरी जैसे छोटे छोटे राज्यों में लड़कियौं की स्थिथि ठीक है और बाकि स्टेट में ख़राब खास करके हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में जबकि इन राज्यों में लोगो की आर्थिक स्थिथि बहुत ही आच्छी है
Saturday, July 4, 2009
राष्ट्रपति पुरस्कार का एक और हक़दार
क्या ऐसे पुलिस ऑफिसर के लिए कोई कानून नही है जो इनको सबक सिखा सके की फर्जी एन्कोउन्टर के बाद क्या होता है।
Tuesday, June 30, 2009
कुत्ता भौंकता है
मैं आजकल सचमुच बहुत बड़ी परेशानी से गुजर रहा हूँ , परेशानी भी येसी की किसी को क्या बताई जाय लेकिन क्या करूँ टेंशन लेते लेते सर मैं दर्द हो गया तो सोचा की कुछ लिखा जाय। इसीलिए बैठ गया कुर्सी खिंच कर के कम्पूटर जी के सामने। दरअसल दिक्कत ये है की मुझे ३५ से ४० हजार रूपया किसी को देना है और उसी को आजकल -आजकल करते -करते मेरा दिमाग ख़राब हो गया है की क्या करूँ , जिस कंपनी में मैं नौकरी कर रहा हूँ उस कंपनी में मेरी सैलरी ठीक ठाक है, मगर मेरे लाला जी की हालत ठीक नही है इस लिए उन्होंने मेरी तीन महीने की पगार रोक रखी है, मागने पर कहते हैं बस बेटा कुछ दिन और रुक जा।
बस इसी टेंशन में मैं भी लोगो को टेंशन दिए जा रहा हूँ आजकल करके , और उसी चक्कर में जब मेरा कुत्ता भौंकता है तो मेरी नजर मेरे दरवाजे पर जाती है और आ जाती है पसीने की लकीर.
Monday, May 25, 2009
हस्पताल या अस्पताल
लोग रोज -रोज कोई ना कोई मुद्दा ले कर के बैठ जाते हें बहस करने के लिए, आज मैं आप सभी लेखक बंधू और पाठक बंधू से अपने इस बिषय पर आपके विचार की उम्मीद रखता हूँ /
हस्पताल या अस्पताल इसमे से सही शब्द क्या है , ये सबको पता है की ये तो सिर्फ़ उच्चारण की गलती है, लेकिन उच्चारण भी क्या , हम जब भी अपनी मात्र भाषा के आलावा कोई और भाषा बोलेंगे और उस भाषा में हम अगर पुरी तरह से निपुड नही है तो उच्चारण तो ग़लत होगा ही/ और इसी ग़लत उच्चारण की वजह से हम भारतीयों को भारत की जगह इंडियन और हिंदू नाम मिला है/ आज से लगभग दो हज़ार साल पहले जब सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था तो उस समय उसके सेना और उसके अधिकारिओं के द्वारा सिन्धु नदी का उच्चारण सिन्धु ना करके इन्दुस किया गया जिस से उस दौरान बिदेशियों के द्वारा हमें इन्दुस या इंडियन नाम मिला, आज भी अगर आप सिन्धु नदी या सिन्धु घाटी सभ्यता के बारे में कंही पड़ेंगे तो इंग्लिश में उसका नाम इन्दुस (INDUS RIVER) ही मिलेगा/
फारसियों ने जब भारत पर आक्रमण किया तो वो भी सबसे पहले सिन्धु नदी के किनारे आकर के रुके और सिन्धु नदी को उन्होंने हिंदू नदी कहा और सिन्धु नदी के इस तरफ़ रहने वालो को हिंदू कहा / इस तरह से उच्चारण बदलते -बदलते आज हम भारतीय एक जातिसूचक शब्द में बाँध कर के रह गए/