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Tuesday, February 16, 2010

इस्लाम और ब्याज,

इस्लाम और कुरान के जानकारों का मानना है की इस्लाम में ब्याज के लेन और देन दोनों ही गैर इश्लामिक हैभारतीय मुसलमानों के अन्दर एक बड़ा तबका ब्याज का विरोध करता है , लेकिन इन्ही में से कुछ लोग ब्याज के लेन -देन पर सहमत भी हैंलेकिन मैंने देखा है की ये सब बाते सिर्फ हमारे हिंदुस्तान में ही हैभारत के अन्दर मुस्लमान दुसरे नंबर पर है , लेकिन दुनिया के कई देशो में उनकी जन्शंख्या १०० % तक है
अगर में बात करू पाकिस्तान, इराक, इरान, दुबई, सउदी अरब की तो आप देखेंगे की इन देशो में भी ब्याज का लेन देन शुरू हो चूका हैइन देशो के अन्दर आज की तारीख में कुछ अच्छी तरह से होम लोन, कार लोन, आदि आदि ब्याज पर लिए और दिया जा रहा है
सउदी अरब के अन्दर बैंको की लिस्ट
Al Jazira Bank
Arab National Bank
Al Rajhi Banking & Investment Corp.
Riyadh Bank
Saudi American Bank
Saudi British Bank
Saudi Cairo Bank
Saudi French Bank
Saudi Hollandi Bank
Saudi Investment Bank
The National Commercial Bank
United Saudi Commercial Bank

और इसी तरह से इन इस्लामिक देशो में Insurance Co. का काम भी बहुत ही अच्छी तरह से चल रहा है। लेकिन हमारे हिन्स्तान के कुछ मुस्लमान भाई अभी भी उसी पुरानी परंपरा को निभा रहे हैं। लेकिन बड़े ही संयोग की बात है की जो प्रमुख इश्लामिक देश है, उन्होंने समय के हिसाब से अपने आप को बदल लिया।
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