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Thursday, February 17, 2011

में बुड्ढा हो गया हूँ , कमजोर नहीं हूँ---------मनमोहन सिंह.

में बुड्ढा हो गया हूँ , कमजोर नहीं हूँ.

ये तो समय का तकाजा हैं मेरे साथियों कि आज में कमजोर हो गया हूँ, लोग गलत कहते हैं कि शेर कभी बुढा नहीं होता, में तो बुढा हो गया हूँ. अब मेरी कोई नहीं सुनता हैं. सब अपनी -अपनी रोटियां सकने में लगे हैं.

आज मुझे बहुत ही दुःख हो रहा कि मेरे अपने ही पराये हो गये हैं. कोई भी मेरा साथ नहीं दे रहा हैं. हर तरफ जनता चिल्ला रही रही , नेता और मंत्री लूट -लूट कर के अपना घर भरे जा रहे . कुछ तो इतने बड़े लुटेरे निकल कि वो तो देश का पैसा विदेशो में भी जा कर के जमा करवा रहे हैं.

अब तो में इस्तीफा देने जा रहा हूँ और उम्मीद करता हूँ कि भारत में भी मिश्र कि तरह सत्ता परिवर्तन जरुर होगा.

धन्यवाद्.

आपका अपना मजबूर प्रधान मंत्री
मनमोहन सिंह.

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