Add

Saturday, July 31, 2010

भैया जरा बच के , जाना दिल्ली में, -तारकेश्वर गिरी.

भैया जरा बच के , जाना दिल्ली में,

कोई पता नहीं कब कौन सा पुल आ गिरे आपके सर पे।

लाल बत्ती सब ख़त्म हो गई हैं, मर्सिडीज बिना ड्राईवर के दौड़ रही हैं,

जिंदगी सबकी चल रही हैं, भैया जरा बच के , जाना दिल्ली में।।

रोटी नहीं हैं, सीमेंट और ईंट का ढेर हैं,

हर तरफ अधिकारी और नेता चोर हैं.

ना जाने कौन सी सड़क पे गहरा सा छेद हैं,

भैया जरा बच के , जाना दिल्ली में।।

Post a Comment