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Thursday, December 2, 2010

जाओगी कंहा ये जानेमन तुम हमें छोड़ कर।-तारकेश्वर गिरी.

जावो कि कंहा ये जानेमन तुम हमें छोड़ कर।
हर साँस तो हमारी हैं।

दिल का धडकना बंद हो जाय तो क्या
सांसे रुक जाय तो क्या
जावो कि कंहा ये जानेमन तुम हमें छोड़ कर।

मन तो जाने या न जाने किसी को ये जानेमन,
जान तो हर समय साथ देती हैं मन का।

ये तो जिन्दगी हैं इस जंहा कि जो प्यार सिखाती हैं,
जावो कि कंहा ये जानेमन तुम हमें छोड़ कर।
हर साँस तो हमारी हैं।
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