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Wednesday, October 13, 2010

क्या बेटा सचमुच माँ और बाप के बुढ़ापे में सहारा बनता हैं- तारकेश्वर गिरी.


क्या सचमुच बेटा माँ और बाप के बुढ़ापे में सहारा देता हैं, हैं लेकिन बहुत ही कम और इसकी वजह पता नहीं ,....... आप लोगो को पता हो तो बताइए।
कल रात को मैंने आपने गाँव में फ़ोन किया ( फ़ोन तो में रोज ही करता हूँ) फ़ोन मेरे पिताजी जी ने उठाया और मैंने उनसे नमस्ते कर के हाल चाल पूछा , उनका जबाब था क्या यार बस तुम लोग तो बेकार हो .....................
मैंने पूछा - पापा क्या हुआ , उन्होंने जबाब देने कि बजाय फ़ोन मेरे बहन को दे दिया । बहन से बात करने से पता चला कि माँ कि तबियत ख़राब चल रही हैं।
मैंने भी सोचा कि दुनिया लडको कि बात करती हैं और माँ और बाप का साथ लड़कियां देती हैं। खैर मेरे गाँव पे मुझसे दो छोटे भाई और उनके बच्चे भी रहते हैं। ऐसी कोई दिक्कत नहीं हैं।
मगर उनका क्या जिनके माँ और बाप अकेले रहते हैं।
किसी ने सही कहा हैं कि बच्चे और बूढ़े सब एक ही सामान होते हैं। जब बच्चा छोटा हो तो उसे हमेशा माँ और बाप का सहारा चाहिए और जब माँ और बाप बूढ़े हो जाय तो उनको आपने बच्चो का सहारा भी चाहिए हो ता हा।
और शायद ये ही सच हैं। मगर सहारा देता कितने हैं आज के दिन में। सब अपने - अपने बीबी बच्चो के प्यार में खोये रहते हैं।
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