Add

Thursday, July 8, 2010

मुसलमान भाई अगर वन्देमातरम गा देंगे तो क्या फर्क पड़ जायेगा ?- तारकेश्वर गिरी

मुसलमान भाई अगर वन्देमातरम गा देंगे तो क्या फर्क पड़ जायेगा ? बड़े दिनों से इस मुद्दे पर तरह - तरह के लेख आते रहे हैंपढ़ते ही दिमाग ख़राब हो जाता हैमैं खुद इस बात से सहमत नहीं हूँ की सिर्फ वन्देमातरम गा देने वाला भारतीय ही सच्चा देश भक्त हो गाअगर सच्चा देश भक्त वन्दे मातरम गा देने वाला होता , शायद हमारे देश की हालत इतनी बुरी नहीं होतीजितने भी M L A और M P पुरे देश से चुन कर के आते हैं वो सब वन्दे मातरम गाते है, सभी बड़े- बड़े अधिकारी वन्दे मातरम गाते हैं, मगर उन्ही अधिकारी और नेतावो मैं देश के गद्दार भी छुपे पड़े हुए हैंऔर ये बात आप सबको पता भी है

लेकिन वन्दे मातरम गाना एक अलग बात होती हैवन्दे मातरम से पुरे देश को एक जुटता मिलती है, वन्दे मातरम से पूरा भारतीय समाज एक हो जाता हैये भी सच हैकिसी साथी ने लिखा था की वन्दे मातरम गीत मैं दुर्गा माता की भक्ति नज़र आती है, जो की मुसलमान नहीं कर सकते

लेकिन मैं अपने साथियों से जानना चाहता हूँ की क्या ?

. अगर कोई मुसलमान भाई वन्दे मातरम गा देगा तो वो मुसलमान नहीं कहलायेगा
अगर कोई हिन्दू किसी मुसलमान मित्र के साथ किसी मस्जिद मैं चला जाता है तो क्या वो मुसलमान हो जायेगा
अगर कोई मुसलमान अपने किसी हिन्दू मित्र के साथ किसी मंदिर मैं जा कर के माथा टेक देगा तो क्या वो हिन्दू हो जायेगा
भारत मैं कितने ऐसे मुसलमान हैं जो रोज पांचो वक्त की नमाज पढ़ते हैं और पूरा रोजा रखते हैं, क्या वो मुसलमान नहीं हैं
भारत मैं कितने ऐसे हिन्दू हैं जो हर विधि विधान से पूजा पाठ करते हैं, क्या वो हिन्दू नहीं हैं


मेरा खुद का मानना है की ये सिर्फ एक धार्मिक और राजनितिक हवा हैएक आम भारतीय कभी भी ऐसा नहीं सोचता अगर अपने आस पास देखा जाय तो ७०% ऐसे लोग होंगे जिन्हें वन्देमातरम का गीत आता ही नहीं होगा

फिर इतना हंगामा क्योंवन्दे मातरम गीत सिर्फ स्कूल मैं ही लोग गा पाते हैं, उसके बाद तो भूल जाते हैंऔर स्कूल मैं पढने वाले बच्चो को क्या पता की धार्मिक और राजनितिक रंग क्या होता है , वो तो बचपन के रंग मैं ही रंगे होते हैं


Post a Comment