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Wednesday, April 14, 2010

अल्लाह ने जन्नत मैं भी पूरा इंतजाम कर रखा है। शबाब और शराब दोनों मिलेगी.

मैं तो सिर्फ हसूंगा ........................ हा ! हा ! हा ! , ही ! ही ! ही ! , हु हु हु , हे हे हे, हो हो हो यार अब तो हद हो गई .

अल्लाह ने जन्नत मैं भी पूरा इंतजाम कर रखा हैमुझे तो सिर्फ हंसी रहीये लेख फिरदौश जी के ब्लॉग से उठाया है मैंने, फिरदौश जी ke ब्लॉग पर कुछ मुसलमान ब्लोगेर बंधू लोगो ने इस बात को स्वीकार है :-

"…जमात में तो यह बताया गया होगा की गैर-मुस्लिम को मुसलमान बनाने में दस हज का सवाब मिलता है…"...यह बात "बहुत कुछ" बयान करती है… (मंसूबे भी, नीयत भी…)

हम उन्हें 'कलमा' पढ़ा लेंगे... इससे हमें दस हज का सवाब मिलेगा... और मरने के बाद जन्नत...जन्नत में 72 हूरें मिलेंगी, जन्नती शराब मिलेगी...

मैं तो सिर्फ हसूंगा ........................ हा ! हा ! हा ! , ही ! ही ! ही ! , हु हु हु , हे हे हे

जो कहना hai आप लोग कहिये................................................
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