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Saturday, April 10, 2010

सलीम साहेब पहले तो आप खुद एक अच्छा मुसलमान बन कर के दिखाइए

सलीम साहेब पहले तो आप खुद एक अच्छा मुसलमान बन कर के दिखाइए उसके बाद अपने उन सारे भाई बंधू लोगो को सही इस्लाम की शिक्षा दीजिये , जिनके अन्दर सिर्फ कुरान -कुरान भरा पड़ा हैअरे कंही से तो इन्सान भी नज़र आवोकुरान और मोहम्मद साहेब से पहले भी दुनिया थी और शायद आज से ज्यादा ही खुबसूरत थीकुरान तो सिर्फ अरबियन समाज के इर्द गिर्द ही घुमती है लेकिन कुछ तो क़द्र करो अपनी मातावो और अपनी बहनों काकुछ तो क़द्र करो अपने देश के संविधान काकुछ तो क़द्र करो अपने पूर्वजो का

तुम्हे गाय के मूत्र से इतनी दिक्कत होती है तो क्यों खाते हो आयुर्वेदिक और इंग्लिश दवाइयों कोक्या पता किसी और जानवर का मूत्र या हड्डी मिली हो किसी दवा मैं, और क्या पता वो जानवर तुम्हारे लिए हराम होगाय का मूत्र मिला प्रसाद खाने मैं आपको इतनी तकलीफ हो रही है , मगर जानवरों के मल-मूत्र की थैली मसाले के साथ पका कर के खाने मैं तो बड़ा ही आनंद आता होगा


अफगानिस्तान मैं सारे तालिबानियों से पूरी अफगान जनता परेशान हैंकश्मीर का आम आदमी पाकिस्तानी मुस्लिम आतंकवादियो से परेशान हैवो पाकिस्तान जिसने अपने देश मैं तालिबानियों के कहने पर इशलामिक कानून लागु किया , खुद ही अपने बुने जाल मैं फंस गया हैक्या वो लोग कुरान को नहीं मानते हैअगर नहीं मानते हैं तो फिर अपने आप को मुसलमान क्यों कहते हैंऔर अगर अपने आप को मुसलमान मानते हैं तो क्या कुरान उन्हें कत्ले आम की इजाजत देता हैक्यों पाकिस्तान और अफगानिस्तान मैं मुस्लिम महिलावो की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगडती जा रही हैक्या वंहा पर आप जैसा कोई कुरान का विद्वान नहीं है क्या

मेरे प्रिय सलीम खान साहेब मेरे द्वारा कहे गए किसी भी शब्द को दिल पर मत लीजियेगा हाँ दिमाग पर जरुर लीजियेगा

अरे प्यार करना तो कोई हिन्दुस्तानियों से सीखेहम तो इंसानों के साथ -साथ जानवरों से भी प्यार करते हैंचिड़ियों, पेड़ पौधों से प्यार करते हैंनदियों , नालो, तालाबो और कुंवो से प्यार करते हैंमछलियों से प्यार करते हैंअपने देश की मिटटी से प्यार करते हैं , अपने देश के पर्वतों से प्यार करते हैंअपने उन पूर्वजो से प्यार करते हैं जिन्होंने हमें यह प्यार की राह दिखाई हैहम तो हर उस जीव और निर्जीव वस्तु से प्यार करते हैं जो इस संसार मैं कंही ना कंही विराजमान हैसच्चा प्यार ही सच्ची पूजा है, श्रीमान सलीम खान साहेबछोडिये ये वेद-कुरान और हिन्दू मुष्लिम का राग

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