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Sunday, March 14, 2010

औरतो का सबसे बड़ा दुश्मन- कल्‍बे जव्‍वाद

औरतो का सबसे बड़ा दुश्मन- कल्‍बे जव्‍वाद। इन श्रीमान जी का नाम भी मुझे कट- पेस्ट कर के लिखना पड़ा, धन्य हो जय हो काशी वाले बाबा की

तो बात ये है की भारत वर्ष मैं औरत जाती को माँ और देवी के रूप मैं पूजा जाता है और सबसे बड़ी बिडम्बना भी ये है की पुरे संसार मैं औरत जाती का दुश्मन भी भारत वर्ष मैं ही रहता हैभारत वर्ष जंहा पर कदम - कदम पर माँ के रूप मैं अलग - अलग जगह अलग -अलग रूप की पूजा की जाती है , उसी माँ के देश मैं , उसी का एक सपूत आज कितनी घिनौनी बात कर रहा है, धिक्कार है ऐसे सपूत पर और उस सपूत की शिक्षा पर

धर्म की आड़ मैं जो शब्द कल्वे साहेब ने किये हैं उस शब्द को उन्ही के समाज के लोग पचाने पर लगे हुए हैंकंहा गए वेदों मैं विज्ञानं की खोज करने वाले और कंहा गए कुरान के गडितीय चमत्कार को दुनिया के सामने रखने वाले मेरे भाई बंधू

दरअसल गलती कल्वे साहेब की नहीं है , गलती है तो उस अरबी परंपरा की जो १४०० साल बाद आज भी भारत वर्ष मैं फल फूल रही हैऔर कल्वे साहेब जैसे लोग उसमे खाद पानी डाल रहे हैं

तभी तो मैं कहता हूँ की भारतीय संस्कृत को मत भूलो , उसे अपना लो, भारतीय संस्कृत दुनिया की सबसे पुरानी सामाजिक व्यस्था है जो आज भी अपने गौरव को संजोये हुए है

जय माता दीजय हो काशी वाले बाबा तुम्हारी लीला तुम्ही जानो

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