Sunday, March 20, 2011

प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह को इस्तीफा देना ही पड़ा.---------तारकेश्वर गिरी

आज सुबह सात बज करके पचपन मिनट पर भारत के सबसे कमजोर प्रधानमंत्री ने इस्तीफा दे दिया. विपक्ष कि नारेबाजी से परेशान श्रीमान मनमोहन सिंह जी ने कठोर निर्णय लिया हैं. उन्होंने अपना इस्तीफा श्रीमती सोनिया गाँधी के कहने पे तैयार किया और आज सुबह- सुबह राष्ट्रपति महोदया के घर जा करके दे दिया.


विश्वस्त सूत्रों से पता चला हैं कि मनमोहन सिंह ने अपना इस्तीफा विपक्ष के दबाव में नहीं बल्कि सोनिया गाँधी के दबाव के चलते दिया हैं.


हुआ ये कि सुबह -सुबह ही मनमोहन सिंह जी को सपना आया कि सोनिया गाँधी जी ने उनके लिए और अपने लिए इटली में एक खुबसूरत एक कमरे वाला महल पसंद कर लिया हैं, और ये दोनों कुछ ही दिनों में वंहा रहने लगेंगे. अब ये सपना देखते ही सरदार जी बिना नहाये धोये चले गये सोनिया जी के पास , और कहने लगे मैडम इटली तो बाद में चलेंगे पहले होली तो खेल ले..........


बस तुरंत मनमोहन सिंह जी के ऊपर दबाव आया. और इस्तीफा देना पड़ा.


बुरा न मानो होली हैं , बुरा ना मानो होली हैं, बुरा न मानो होली हैं.

11 comments:

संजय भास्कर said...

होली की सपरिवार रंगविरंगी शुभकामनाएं |

संजय भास्कर said...

अरे वह प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह का इस्तीफा ....मजेदार बात है
..........बुरा न मानो होली हैं

सलीम ख़ान said...

होली की सपरिवार रंगविरंगी शुभकामनाएं |

अहसास की परतें said...

अजी सरदार जी को इस्तीफा इसलिए देना पडा क्योंकि वो गुरुशरण कौर से साथ इटली जाना चाहते थे, जबकि सोनिया जी उनको अकेले ले जा कर होली खेलना चाहती थी।

बुरा न मानो होली है।

एस.एम.मासूम said...

सुनने मैं आया है कि प्रेसिडेंट इस बार ब्लोगर किंग तारकेश्वर गिरी को बनाया जाना है फूलवाली के अनुरोध पे.
आप सभी को होली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं.

सुलभ said...

~~~वाह होली वाह~~~

PARAM ARYA said...

???????????????????
??????????????????????????
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राज भाटिय़ा said...

वो भाग्य वाला दिन कब आयेगा...?
होली की हार्दिक शुभकामनायें ...

DR. PAWAN K MISHRA said...

भांग ज्यादा चढ़ गयी है
लेकिन मुझे लगता है कि मनमोहन जी इटली के पम हो गए

डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर said...

मनमोहन जी ने और सोनिया गाँधी ने हमसे अनुरोध किया था प्रधानमंत्री बनने का पर हमने मन कर दिया था, कारण फिर हम ब्लोगिंग पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते. इस समय आपके बीच बहुत अच्छा लग रहा है...
वैसे अन्दर की बात बताएं कि महामहिम ने उनका इस्तीफ़ा नकार दिया........और कहा कि यदि कुमारेन्द्र प्रधानमंत्री पद स्वीकारें तभी वो उनका इस्तीफ़ा स्वीकारेंगीं.
जय हिन्द, जय बुन्देलखण्ड

आलोक मोहन said...

होली की सपरिवार शुभकामनाएं