Thursday, February 25, 2010

मुसलमान और अरबी संस्कृत.

मुसलमान और अरबी, बिलकुल सही बात है , मुसलमान दुनिया के किसी भी कोने में रहे, सिर्फ अरबी सभ्यता को मानता है। खास करके भारतीय मुसलमान , जिनकी इज्जत बाकि मुष्लिम देश नहीं करते। वो भारतीय मुसलमान अपने आप को भारतीय संस्कृत और सभ्यता से दूर करते जा रहे हैं. हमारे देश के मुसलमान ये भूल रहे हैं की वो भारतीय हैं।
और येही वजह है की भारत में मुसलमान आज भी पीछे हैं.

6 comments:

महफूज़ अली said...

एकदम सही और सटीक कहा आपने...

राज भाटिय़ा said...

सही कहा जी

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

यदि दोहराव न माना जाये तो महफूज जी को दोहराऊंगा. दर-अस्ल अधिकांश मुसलमान अपने लिये आयातित मानते हैं. यदि वह अपने लिये देश का हिस्सा, संस्कृति का हिस्सा और बाकी धर्मों के लोगों को अपना सहोदर मानने लगें तो समस्या खत्म न हो जाये.

rahul said...

bhaie taarke, mujhe tumhari Baton men dam lagta he....gazab ki jaankari he tumhari,,, men yeh post apne blog par lagana chahta hoon, batyn Laga Loon,,komint se batana

Tarkeshwar Giri said...

Rahul ji Namashkar. Aap is post ko laga sakte hain.

शहरोज़ said...

आप सभी को ईद-मिलादुन-नबी और होली की ढेरों शुभ-कामनाएं!!
इस मौके पर होरी खेलूं कहकर बिस्मिल्लाह ज़रूर पढ़ें.