Wednesday, May 11, 2011

जबरदस्ती लूटते हैं कस्टम पुलिस वाले

शनिवार ( 7 मई) को शुबह मैं बनबसा पहुंचा , और शारदा नदी कि सुन्दरता को देखते हुए नेपाल जाने के लिए आगे बढ़ा. जैसे ही मैं भारत कि कस्टम चौकी के पास पहुंचा तो कस्टम अधिकारीयों ने दिल्ली नंबर प्लेट कि कार को देखते ही गाड़ी के सारे पेपर चेक करने के लिए कहा , और साथ में ये भी कहा कि सारे पेपर लेकर के अन्दर जाइये.

मैं गाड़ी के सारे पेपर लेकर के चौकी के अन्दर गया तो देखा कि तीन कस्टम पुलिस के सिपाही एक २० साल के नौजवान से रुपये छीन रहे थे . मैं तो दंग रह गया , मैंने एक अधिकारी से पूछा, कि साहेब आखिर बात क्या हैं. तो उस अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार का नियम हैं कि ५०० रूपये का नोट या १००० रुपये का नोट लेकर के नेपाल जाना अपराध हैं.

मैंने कहा फिर तो मेरे पास भी सारे नोट ५०० रुपए के ही हैं. तो अधिकारी ने एक सिपाही से कहा कि इनको बाहर ले जावो और फ्री कर दो. अन्दर एक नेपाली युवक अपने आप को गरीब और तराई का होने कि दुहाई दे रहा था कि साहेब १ साल के बाद घर जा रहा हूँ मेरे पैसे मत लो.

थोड़ी देर में वो नेपाली युवक भी बाहर आ गया तो मैंने पूछा कि क्या हुआ तो उसने कहा कि १०० रुपए में काम चल गया.

बोर्डर क्रोस करने के बाद नेपाल कि चौकी पर जरुरी कार्यवाई के बाद हम लोग महेंद्र नगर और धनगढ़ी तक घूम कर के शाम को वापस आये . शाम को भी भारत कि चौकी पर एक नज़ारा देखने को मिला.

एक नेपाली साईकिल पर कुछ सामान लादे आ रहा था, उसके देखते ही दो सिपाही उसकी तरफ दौड़े और दोनों ने ही अपने -अपने हाथ उसकी जेब में डाल दिया, एक का हाथ तो खाली वापस आया और दुसरे के हाथ में कुछ नोट , नेपाली युवक मुस्कुराते हुए चला गया.

4 comments:

Ratan Singh Shekhawat said...

ये सरकारी भडवे कहीं नहीं चुकते | दिल्ली में ही देख लीजिये जिन पुलिस वालों की ड्यूटी ट्राफिक कंट्रोल कर उसे सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी है वे अपना काम छोड़कर सिर्फ ये देखते है कि कौन बिना हेलमेट के है और किस कार चालक ने बेल्ट नहीं बाँधी | भाड़ में जाय ट्राफिक | कभी तो सड़क पर जाम इसलिए लगा मिलता है कि आगे पुलिस वालों ने कोई ट्रक रोक रखा है वसूली करने को |

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

Sahi kaha aapne.

............
तीन भूत और चार चुड़ैलें।!
14 सप्ताह का हो गया ब्लॉग समीक्षा कॉलम।

नीरज जाट जी said...

इनकी करनी को इनकी अगली पीढी भुगतेगी।

राज भाटिय़ा said...

भाई भारत मे तो सभी तरफ़ छीना झपटी लगी हे, डा० से ले कर चपरासी तक, किस किस को रोय़े, शरीफ़ ओर ईमान दार आदमी चुपचाप देख रहा हे यह सब, ओर एक कोने मे सुबक रहा हे साथ मे गुनगुना रहा हे... देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान, कितना बदल गया इंसान