Friday, January 7, 2011

मुझको भी मंत्री बनना हैं.......तारकेश्वर गिरी.

लाल पीली बत्ती , पंद्रह -बीस ठो गार्ड
सैकड़ो चमचे, मुझको भी चुनाव लड़ना हैं।

दस- पंद्रह गो मर्डर, ढेर सा अपहरण,
सौ दो सौ से बलत्कार, मुझको भी नेता बनना हैं।

बीस -पचीस दारू के ठेके, पचास -साठ पेट्रोल पम्प,
बारह -तेरह बोलेरो गाड़ी, मुझको भी मंत्री बनना हैं।

अगल -बगल में सुंदरियाँ , नया नवेला फार्म हाउस,
अधिकारी हमरे नीचे, मुझको भी मंत्री बनना हैं।

स्वीट्जेर लैंड में बैंक का खाता, अरबो का हो बैलेंस,
रोज नए -नए घोटाले , मुझको भी मंत्री बनना हैं.

5 comments:

एस.एम.मासूम said...

पहले ब्लॉगजगत मैं झगडे लगाओ और यदि न पकडे जाओ या उसका इलज़ाम किसी दुसरे पे लग जाए तो समझ लो नेता बन ने के गुण हैं आप मैं.
अच्छा व्यंग है...

DR. PAWAN K MISHRA said...

बहुत बढ़िया व्यंग
नेता नेताइन सहितं नमामि

राज भाटिय़ा said...

बन जाओ जी....पहले दो चार को टपकाओ,तीन चार जगह बम मारो, पुलिस आप को कुत्ते की तरह तलासे, ओर फ़िर फ़िर किसी मत्री की कृप्या हो जाये तो आप भी इन की बिरादरी मे शामिल हो जायेगे.... ओर फ़िर बहुत बडे बन जायेगे

Akhtar Khan Akela said...

daadaa taarkeshvri ji yeh mntri bnne ki ajib zid he bhai aesaa zulm mt kro aek achchi vyngyatmk sheli ke liyen mubarkbad . akhtar khan akela kota rajsthan

DR. ANWER JAMAL said...

ये सब कर नहीँ सकते आप
सो मंत्री बन नहीं सकते आप .