Friday, October 8, 2010

बुद्धि दो माँ - तारकेश्वर गिरी.



हे जगजननी माँ सबसे पहले तो आपको मेरा प्रणाम।

, दुर्गा पार्वती का दूसरा नाम है। हिन्दुओं के शाक्त साम्प्रदाय में भगवती दुर्गा को ही दुनिया की पराशक्ति और सर्वोच्च देवता माना जाता है (शाक्त साम्प्रदाय ईश्वर को देवी के रूप में मानता है) । उपनिषद में देवी "उमा हैमवती" (उमा, हिमालय की पुत्री) का वर्णन है । पुराण में दुर्गा को आदिशक्ति माना गया है । दुर्गा असल में शिव की पत्नी पार्वती का एक रूप हैं, जिसकी उत्पत्ति राक्षसों का नाश करने के लिये देवताओं की प्रार्थना पर पार्वती ने लिया था -- इस तरह दुर्गा युद्ध की देवी हैं । देवी दुर्गा के स्वयं कई रूप हैं । मुख्य रूप उनका "गौरी" है, अर्थात शान्तमय, सुन्दर और गोरा रूप । उनका सबसे भयानक रूप काली है, अर्थात काला रूप । विभिन्न रूपों में दुर्गा भारत और नेपाल के कई मन्दिरों और तीर्थस्थानों में पूजी जाती हैं । कुछ दुर्गा मन्दिरों में पशुबलि भी चढ़ती है । भगवती दुर्गा की सवारी शेर है ।
अफ्रीका के आदिवाशी आज भी देवी कि पूजा करते हैं लेकिन किसी और नाम से।

6 comments:

संजय भास्कर said...

आपको नवरात्र की ढेर सारी शुभकामनाएं .

राज भाटिय़ा said...

आप को नवरात्रो की शुभकामनायें,

कविता रावत said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति।
नवरात्र के पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं

Ravindra Nath said...

जय माँ अम्बे, जगदम्बे।

आप सभी को एवं आपके परिजनों को नवरात्री के पावन अवसर पर माँ भवानी का आशीष प्राप्त हो।

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

आपको भी..

हिंदुत्व और राष्ट्रवाद said...

नवरात्रों की हार्दिक शुभ कामनाएं.. माँ आपकी सदैव रक्षा करे ..