Friday, September 24, 2010

C. W. G., कुत्ते वाला गेम- तारकेश्वर गिरी.

C . W.G. ( कामेन वेल्थ गेम) , नहीं अब इसका नाम बदल गया हैं, नया नाम हैं "कुत्ते वाला गेम"। क्योंकि अब दिल्ली में सिर्फ कुत्ते बाजी हो रही हैं, कंही शीला का कुत्ता तो कंही सोनिया का तो कंही मनमोहन जी का। लेकिन खीर ले गया लड्मारी का कुत्ता , ओह सोरी कलमाड़ी का कुत्ता

दिल्ली तो बिलकुल कुत्ते के गेम के लिए तैयार बैठी हैं। देखते हैं कि अभी कितने कुत्ते मैदान में आते हैं। लेकिन शायद ये गिनती अगले महीने ही होगी।

13 comments:

S.M.MAsum said...

लगता है धर्मेद्र को भेजना होगा दिल्ली , तभी , यह कुत्ते वाला गेम ख़त्म होगा..

ajit gupta said...

जब हम ब्रिटेन के आगे कुत्ते बन ही गए हैं तो गेम तो कुत्तों वाला ही हुआ ना?

Tarkeshwar Giri said...

Dekhate hain ki kitne kutte kya - kya khate hain

Tarkeshwar Giri said...

IS GAME KI POLE BHI KUTTE HI KHOLENGE

Tarkeshwar Giri said...

SAB MIL KARKE APAS MAIN LADENGE "KUTTE" KI TARAH

सुनील दत्त said...

अजीत गुप्ता जी से सहमत ।
जब हम ब्रिटेन के आगे कुत्ते बन ही गए हैं तो गेम तो कुत्तों वाला ही हुआ ना?

राज भाटिय़ा said...

अजित जी की बात से सहमत है, पता नही क्यो हम इन गोरो के जुते चाटने को तेयार है, लानत है इन नेताओ पर जो इज्जत नाक की चीज से लाखॊ कोसो मील दुर है, साथ मे देश की इज्जत भी खराब कर रहे है

Tarkeshwar Giri said...

Puri Dilli ko Kutta bana diya hai, kuch Netao ne

Ejaz Ul Haq said...

भारत की एकता अखंडता का जीवंत उधारण यहाँ पढ़ें

Udan Tashtari said...

शर्मनाक स्थितियाँ हो गई हैं.

अजय कुमार said...

आखिर गुलामी के प्रतीक इन खेलों का क्या औचित्य है ?

Ravindra Nath said...

गिरी जी बहुत ही बढिया तमाचा है आपका यह post इन नेताओं पर, लेकिन ये सब बेशरम हैं।

हमारीवाणी.कॉम said...

आपके ब्लॉग पर लगे हमारीवाणी के कोड में आपके ब्लॉग पते के साथ http:// नहीं लिखा है और www लगा हुआ है, आपसे अनुरोध है, कि www हटा कर इसकी जगह http:// लगा लें, जिससे की आपका ब्लॉग समय पर अपडेट होने लगे.

धन्यवाद!

टीम हमारीवाणी