Thursday, May 6, 2010

शादी से पहले सेक्स - आखिर ये कैसा आनंद। तारकेश्वर गिरी

शादी से पहले सेक्स - आखिर ये कैसा आनंद। आखिर इतनी भी क्या जल्दी है लड़के और लड़कियों कों, की वो शादी से पहले ही सेक्स करने को तैयार बैठे है। लडको का क्या समस्या तो बेचारी लड़कियों कों होती है , सबसे पहले तो प्यार के नाम पर धोखा, दूसरा सामाजिक इज्जत दांव पर।

आज कल लडको से ज्यादा इस मुद्दे पर लडकिया बात करती हुई नजर आती है। प्यार करना कोई गुनाह नहीं है मगर सावधानी से, कंही जल्दी ना हो जाये।

जंहा तक मेरा मानना है की अगर लड़के और लड़कियों की शादी १८ साल और २१ साल ( जो सरकारी नियम है) के अन्दर कर दी जाय तो इस समस्या से बचा जा सकता है।

सही समय पर की गई शादी के कई परिणाम लाभदायक होते हैं

16 comments:

राजेन्द्र मीणा said...

आपकी सोच सही है और उचित भी .......बस इसी तरह इसे , जारी रखे ..पढ़कर अच्छा लगा

http://athaah.blogspot.com/

honesty project democracy said...

बहुत ही सकारात्मक सोच ,ऐसे ही सोच से देश और समाज के सोच को बदला जा सकता है /

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर ओर सही बात कही आप ने, वेसे हम नकल तो पश्चिम की करते है, लेकिन हमारे साधन ओर सोच पश्चिम जेसी नही.... कहां तो हमे चरित्र निर्मण की शिक्षा दी जाती थी, ओर कहां अब कोक शास्त्र पढाने की तेयारी है

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

इसी का नतीजा है निरूपमा की हत्या या आत्महत्या...

Vivek Rastogi said...

ये जो वर्जनाएँ टूट रही है क्या वाकई शादी इसका सही निदान है, क्योंकि शादी केवल सेक्स का आनंद के लिये नहीं की जाती है, शादी के बाद जो जिम्मेदारी आती है वह २१ वर्ष का युवा उठाने को तैयार होगा क्या ? जबकि आज २२-२४ वर्ष तक पढ़ाई करना पड़ती है।

शादी से पहले सेक्स वाकई एक अच्छी बात नहीं है और इसे रोकने के लिये समाज में जागरुकता जरुरी है, विपरीत लिंग आकर्षण स्वाभाविक है, फ़िर वह १८ की उम्र हो या ५८ की बस अंतर यह होता है कि १८ में परिपक्वता नहीं होती है और ५८ में परिपक्वता होती है।

kunwarji's said...

हुह!

गिरी जी आप कहा पिछड़े जमाने की बात कर रहे है जी!"इज्ज़त!"ये शब्द तो बस उनके लिए है जो अनपढ़,गवार और सोये हुए है!जागरूक लोग इज्ज़त जैसी बाते नहीं किया करते!शायद जागने के लिए इज्ज़त बेचना जरूरी हो!

रही शादी से पहले सेक्स वाली बात!तो हमारे घरवाले भी इसे गन्दी बात कहते थे,हम भी!इस से ज्यादा चर्चा करने की हिम्मत घर में तो कभी हुई नहीं!बहार भी ये बात छेड़ कर अपनी इज्ज़त खराब नहीं करवानी थी,सो.....

और आप ये क्या कह रहे हो साहब,"बेचारी लड़की!"लगता अब तक किसी जागरूक नारी शक्ति की इस पर नजर नहीं पड़ी!बच गए गिरी जी आप!

कुंवर जी,

यशवन्त मेहता "फ़कीरा" said...

दो बालिग अगर आपसी सहमति से सेक्स सम्बन्ध स्थापित करते हैं तो ये कानूनन गलत नहीं हैं .असली समस्या तब आती हैं जब लड़की के सर पर समाज बदचलनी का ठीकरा फोड़ देता हैं और लड़का साफ बच कर निकल जाता हैं.
क्या लड़के में इतनी हिम्मत नहीं कि वो लड़की का साथ दे सकें???? आजकल ज्यादातर युवा विवाह पूर्व सेक्स को गलत नहीं मानते पर परिणाम सामने आते ही भाग लेते हैं!! सब कुछ हमारे सामने ही हैं!!
मैं आपकी इस बात से वाकिफ नहीं रखता कि शादी जल्दी कर दी जाये!!! आजकल कैरियर सवारने और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में युवा २५-२६ तो आराम से पर कर लेते हैं!!! बिना अपने पैरो पर खड़ा हुए शादी कर लेना युवा की स्थिति को ख़राब कर देगा!!!

Anaam said...

"सही समय पर की गई शादी के कई परिणाम लाभदायक होते हैं"

आपको देखकर तो ऐसा नहीं लगता.

यशवन्त मेहता "फ़कीरा" said...

विवेक रस्तोगी जी.....बहुत से ५८ साल के लोग ऐसे देखे हैं जिनमे परिपक्वता चुटकी भर नहीं होती!!! बहुत से १८ वर्ष के लोग ऐसे भी देखे हैं परिपक्व से पूर्ण होते हैं
परिपक्वता उम्र पर नहीं, संस्कारो , विचारो और आचरण से पता चलती हैं!!!! आपके जागरूकता सम्बन्धी कथन से मैं सहमत हूँ

DR. ANWER JAMAL said...

nice post.

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

हूँ, बात तो सही है।
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पड़ोसी की गई क्या?
गूगल आपका एकाउंट डिसेबल कर दे तो आप क्या करोगे?

महफूज़ अली said...

Very good....

राजीव कुमार कुलश्रेष्ठ said...

क्या कहने साहब
जबाब नहीं निसंदेह
यह एक प्रसंशनीय प्रस्तुति है
धन्यवाद..साधुवाद..साधुवाद
satguru-satykikhoj.blogspot.com

अरुणेश मिश्र said...

अभिभावक प्रेरणा लें ।

Voice Of The People said...

शादी का सही समय वही है जब जिस्म को सेक्स की भूख लगने लगे. सेक्स भी इंसान के जिस्म की एक ज़रुरत है जैसे की भूख. भूखा खाना ढूँढता है और न मिले तोह अक्सर दूस्रून का चुरा भी लेता है. यही मसला सेक्स में भी हो रहा है. शादी की सही उम्र समाज जितनी जल्द समझ जाए उतना अच्छा है. यह शादी के पहले का सेक्स बंद हो जाएगा.
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sayha said...

ये बात सही नही हे... दो बालिग अगर आपसी सहमति से सेक्स सम्बन्ध स्थापित करते हैं तो ये कानूनन गलत नहीं हैं.

सेक्स भी इंसान के जिस्म की एक ज़रुरत है जैसे की भूख. ये भावना लड़के और लड़कियों मै समान रूप से जागृत होती हे...

मेने अपनी पत्नी से शादी से पहले सेक्स किया... ये बात मुझे बोलने में शर्म नहीं आती... हमने एक दूसरे को जानने-समझने के लिए आठ महीनों का समय लीया... इन आठ महीनों मे हमें लगा कि हम एक दूसरे को समझ चुके हैं ओर हम अब नये संबंध के लिए तैयार हें... तो हमने आपसी सहमति से शादी से पहले सेक्स सम्बन्ध स्थापित किया... पर हमारे इस् सेक्स मे वासना से ज्यादा प्यार था.

आज हम एक बच्चे के मा बाप हें... पर मुझे हमारा शादी से पहले सेक्स कभी गलत नहीं लगा... इस से हमारा एक दूसरे पर प्यार ओर विश्वास बढ़ता सा हि लगा...