Sunday, June 2, 2013

एक साल बाद

फेसबुक मैं स्टेट्स अपडेट करने और काम मैं इतना बिजी हो गया की मैं ये भी भूल गया था की मेरा कोई अपना ब्लॉग भी है…। 

दरअसल अपने ब्लॉग की तबियत पिछले साल से ही ख़राब चल रही थी . जब उसको जगाने के लिए तैयार होता वो उठता ही नहीं था. बार बार हैंग हो जाता था , परन्तु आज जाके इस कुम्भकरण की नीद खुली है. तो फिर मैंने भी सोचा की चलो सबसे राम-राम और सलाम ही कर ले.



3 comments:

सरिता भाटिया said...

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार (03-06-2013) के :चर्चा मंच 1264 पर ,अपनी प्रतिक्रिया के लिए पधारें
सूचनार्थ |

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

बहुत अच्छा किया, डा० साहब भी मिस कर रहे होंगे. ;)

Tarkeshwar Giri said...

Dr Saheb abhi hain kya.....