Monday, June 6, 2011

सोनिया गाँधी का पासपोर्ट जब्त कर लेना चाहिए.

जिस तरह से देश के हालत बिगड़ते जा रहे हैं, उस तरह से अब लगता हैं कि गाँधी परिवार का समय ख़त्म होने वाला हैं. भ्रस्टाचार कि सरदारनी कभी भी भारत छोड़ के भाग सकती हैं. और ऐसे हालत में इस डायन का पासपोर्ट जब्त हो जाना चाहिए.

9 comments:

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') said...

तारकेश्‍वर जी, शब्‍दों के संयम की सीमा का ख्‍याल रखिए।

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कौमार्य के प्रमाण पत्र की ज़रूरत किसे है?
बाबाजी, भ्रष्‍टाचार के सबसे बड़े सवाल की उपेक्षा क्‍यों?

DR. ANWER JAMAL said...

सोनिया जी चली भी गईं तो भी उनकी औलाद तो यहीं रहेगी और उनकी पार्टी भी। अगर हो सके तो आप इनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दीजिए ।

ROHIT said...

रजनीश जी
देश मे राक्षसीपने की सीमा टूट गयी है
आप शब्दो की सीमा की बात करते है.
विदेशी लुटेरिन को लुटेरिन नही कहा जाये तो क्या देवी कहा जाये.

ROHIT said...

गिरी जी
इस लुटेरिन के पास बहुत सारे पासपोर्ट है.
कितने जब्त करेँगे आप?

ROHIT said...

सखी सईया तो खूब ही कमात है
लुटेरिन सोनिया खाय जात है.

अरूण साथी said...

सर नेम गान्धी भी

अमीत तोमर said...

bhai ji ye sach me sabhi bhrsta chariyon ki srdanni he bhoot acha likha he aapne भारत में एक बार फिर जलियावाला हत्याकांड दोराह्या गया हे जो इस भ्रष्ट सरकार ने ये करवाया हे । जो भाई बहिन वंहा नही थे । वो पूरी बात जानने के लिए इस साईट पर जाएं http://www.bharatyogi.net/2011/06/blog-post_05.html

manu shrivastav said...

bhai saheb, aapki baat sahi hai.
per kisi ko upshabd kahane per khud ki mansik kamjori ka pata lagata hai.


phir kya fark rah jayega unme, jinhone sote huye pe lathi charge kara diya, aur AAPME .

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

सबके अपने-अपने अलग-अलग विचार हैं!