Saturday, February 26, 2011

अंग्रेजी हकुमत के दौरान देश को गाँधी जी कि जरूरत थी, और आज कांग्रेसी हकुमत के दौरान बाबा राम देव जैसे लोगो कि सख्त जरुरत हैं. - तारकेश्वर गिरी.

अंग्रेजी हकुमत के दौरान देश को गाँधी जी कि जरूरत थी, और आज कांग्रेसी हकुमत के दौरान बाबा राम देव जैसे लोगो कि सख्त जरुरत हैं. - तारकेश्वर गिरी.

आज भारतीय सरकार का चेहरा इतना बिगड़ चूका हैं कि उसको पहचान पाना मुश्किल हो रहा हैं. जब मुखिया ही चोर हो तो घर के बाकि सदस्यों से ईमानदारी कि उम्मीद कंहा कि जा सकती हैं. आज कि तारीख में नेतागिरी करना एक व्यसाय बन गया हैं, और तरक्की तब मिल जाती हैं जब कोई मंत्री पद मिल जाये. आज कि तारीख में नेतावो और मंत्रियों के पास जितना काला धन हैं उतना धन तो किसी बड़े उद्योगपति के पास सफ़ेद रूप में भी नहीं हो सकता.

भ्रस्टाचार भारत के मंत्रियों और नेतावो के साथ-साथ अधिकारीयों के खून में मिल चूका हैं, आज जरुरत हैं कि उस खून को साफ किया जाये और ये बताया जाय कि आपके खून में गरीबो का भी खून मिला हुआ हैं.

कांग्रेसी नेता आज पागल कुत्ते कि तरह सोनिया गाँधी के पीछे -पीछे दुम हिला रहे हैं. ये नेता और मंत्री लोग ये भूल चुके हैं कि वो भारतीय हैं. बल्कि सोनिया गाँधी के साथ लग करके देश को लुटने में लगे हुए हैं.

महंगाई , जातिवाद , धर्म ,मंदिर -मस्जिद के नाम पर पुरे देश को नरक में डाल दिया हैं ईस सरकार ने.

सबसे ज्यादे जातिवाद फ़ैलाने में कांग्रेसी सरकार का ही हाथ हैं.

8 comments:

DR. ANWER JAMAL said...

भाई तारकेश्वर जी ! जिनमें हिम्मत होती है वे बदलाव के लिए किसी योग गुरु की इंतजार नहीं करते खुद ही ले आते हैं बदलाव जैसे कि मिस्र की जनता ले आई है । अब हिम्मत दिखाने की बारी आपकी है दिखाइये गोली खाने की हिम्मत ! आज देश को आप जैसे लोगों की ही कुर्बानी की तो जरूरत सबसे ज्यादा है ।

suryabhan said...

अबे जमालघोते अकल के खोते जिन्ना के पोते
कठमुल्लों के चंदो पर पलने वाले तू क्या जाने कुर्बानी क्या होती है बकरा काटना कुर्बानी नही है
देश को बदलने के लिए एक समुचित नेतृत्व की जरूरत होती है बिना नेतृत्व के मिस्र का भी थोड़े दिनों में पकिस्तान ईराक जैसा हाल होने वाला है. १८५७ में बिना नेतृत्व के क्रांति हुई थी जिसका अंजाम ठीक नही रहा.
घोंचू तुझे गिरी भाई का मतलब नही समझ में आएगा

एस.एम.मासूम said...

आज ब्लॉगजगत मैं भ्रष्ट हकुमत के दौरान बाबा तारकेश्वर गिरी जैसे लोगो कि सख्त जरुरत हैं. S.M.Masum

दीर्घतमा said...

तारकेश्वर जी बहुत अच्छी बात उठाई है जो भी भ्रष्ट्राचार का बिरोध करता है वही कांग्रेस का शत्रु हो जाता ,अंग्रेजो के समय में भी ऐसा होता था इस समय भारतीयता और हिंदुत्व जो देश की पहचान है उसी का कांग्रेस बिरोध करती है लेकिन धैर्य की आवस्यकता है जनता जबाब देगी.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

वाकई रामदेव जी की बहुत आवश्यकता है...

राज भाटिय़ा said...

बाबा राम देव के पीछे सब चलने को तेयार हे, ओर वो दिन दुर नही जब यह सब ना अपने अपने घुटनो पर आये..अब जनता जाग गई हे

मनोज कुमार said...

आपसे सहमत।

अहसास की परतें - समीक्षा said...

हा हा हा जमाल की अकल इतनी ही चलनी थी। सूर्यभान जी बढ़िया खुराक दी इसको। मेरे ब्लॉग पर इसकी इसकी चिंदिया उडा रखी है मैने, कभी पधारें। तारकेश्वर जी को तो निमंत्रण दे कर हार गया वो आते ही नही हैं।

http://ahsaskiparten-sameexa.blogspot.com/