Friday, February 11, 2011

मुबारक हो आप पांच करोड़ डालर जीत गये --------- तारकेश्वर गिरी

मुबारक हो आप पांच करोड़ डालर जीत गये

आखिर इतनी बड़ी रकम हैं तो ख़ुशी तो होगी न. और वो भी सीधे खरबपति .अब जब ऐसी खबर लोग सुनेगे तो सीधे तौर पर पगला जाते हैं. और उस पागल पन के शिकार भी हो जाते हैं.

मेरे एक मित्र को इसी तरह का एक ईमेल मिला. ईमेल मिलते ही उनको पागल पन का दौरा शुरू हुआ तो उन्होंने मुझे आपने ऑफिस बुलवा लिया. में जाकर के देखा कि उनके पास एक मेल आई हुई हैं जिसमे उनको पांच करोड़ डालर का विजेता घोषित किया गया हैं. मैंने उनको समझया कि श्रीमान ये सब फ्रौड़ हैं , इसके चक्कर में ना पड़े. लेकिन जनाब नहीं माने अगला कदम बढ़ाते हुए उन्होंने इनाम देने वालो को जबाब में ढेर सारी आपने बारे में जानकारी दी.

दो दिन के बाद उनके पास फिर एक मेल आया जिसमे डीमांड ड्राफ्ट कि कॉपी , जो कि हमारे प्रिय मित्र के नाम से जारी किया गया था और वो भी पुरे पांच करोड़ डालर का.

लेकिन आगे और लिखा था कि इसको भेजने में जो खर्च आएगा (लगभग ४०००० हजार) उसको एक बैंक खाते में जमा करवा दे.

खैर समझाने पर बेचारे पागलपन के दौरे से वापस तो आ गये , लेकिन पांच करोड़ डालर खोने का दुख बहुत हुआ . हमारे प्रिय मित्र ने नॉएडा एक्स्ट कि पूरी टाउनशिप खरीने कि योजना भी बना डाली थी.

खैर अगर आपके पास ईस तरह का कोई मेल आये तो सीधे माँ-बहन पर आ जाइये . कुछ हरामी लोग बैठे हैं अफ्रीकी देशो में जो ईस तरह का काम करते हैं.

4 comments:

ajit gupta said...

भैया सीधे ही माँ-बहन पर आने की क्‍या जरूरत है? बाप-भाई पर नहीं आया जाता क्‍या? लेकिन ऐसी ईमेल और एसएमएस तो प्रतिदिन में कई आते हैं।

Udan Tashtari said...

डिलीट दबाओ....चैन पाओ!!

"पलाश" said...

गिरी साहब आपने बात तो बहुत पते की बताई ,सन्देश भी अच्छा दिया मगर ये अन्त में क्या लिख डाला । आप्से ओ हम ऐसे हल्के शब्दों के प्रयोग की उम्मीद नही करते थे । आज आपसे थोडी सी निराश हूँ।

राज भाटिय़ा said...

हमे रोजाना मेल आते हे, कहो तो दो चार आप को भेज दे... .