Wednesday, December 22, 2010

आप के बाप आ गये हैं-------------तारकेश्वर गिरी.

आज कल तो भाई हर तरफ शांति का माहौल हैं. और हाँ होना भी चाहिए, क्योंकि सर्दी का जो मौसम चल रहा हैं. और सर्दी में तो बस ............ कई तरह के आनंद होते हैं.

तो अब लीजिये तो फिर इसी सर्दी के उपर बना हुआ एक चुटकुला आप सभी को पढवा देते हैं....

हुआ ये कि एक चार मित्र कंही दूर घूमने के लिए निकले . एक जगह पंहुच कर के एक धर्मशाला किराये पर लिया. रात को सोते समय उनको एक ही बड़ी सी रजाई मिली ओढने के लिए.

जब खाना खा के सो गये तो उन चारो मैं से किसी एक ने जोर से वायु प्रदोष नामक हथियार का इस्तेमाल किया. और पूरी रजाई में ................. वायु फ़ैल गई.

आखिर दिक्कत तो सबको होनी थी, इसलिए सबने मिल करके एक योजना कि अगर अब किसी को मिसाइल (वायु प्रदोष) छोड़नी हो तो कहेंगे कि "आप आ गये".

थोड़ी देर में एक ने कहा : आप आ गये. और सब ने रजाई अपने सर से हटा लिया.

काफी देर तक ये सिलसिला चलता रहा.

कुछ देर बाद एक ने फिर कहा : आप आ गये. -सब फिर रजाई सर से हटा दिया..........

थोडा समय गुजरा .....

थोडा समय और गुजरा.....

एक से रहा नहीं गया तो उसने कहा कि : भाई क्या हुआ , आप अभी तक गये नहीं क्या.

फिर धीरे से आवाज आई : आप के बाप आ गये हैं.

एक बात और आज कल लोगो ने प्याज खाना कम कर दिया हैं. और सलाद में मुली ज्यादा खा रहे हैं.

8 comments:

एस.एम.मासूम said...

आज कल लोगो ने प्याज खाना कम कर दिया हैं. और सलाद में मुली ज्यादा खा रहे हैं.

.
सरकार की आयात निर्यात ला लफडा जो है

JAGDISH BALI said...

आप ने गुदगुदाया !

शिक्षामित्र said...

हा..हा..हा..हा...........

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

गनीमत है कि बात दादा तक नहीं पहुंची..

VICHAAR SHOONYA said...

ha ha ha bahut badiya.

दीर्घतमा said...

महगाई मार गयी ---------?
पियजिया अनार हो गईल------.

राज भाटिय़ा said...

भाई चुप करो...... अगर कांग्रेस ने सुन लिया तो कल मनमोहनी सरकार ईमान दारी से इस मुयी मुली की कीमत भी बढा देगी.... फ़िर देखते रहना जी, आप ने बहुत सुंदर लिखा धन्यवाद

Ravindra Nath said...

मस्त कहानी। राज जी से पूरी तरह सहमत, मूली पर भी गाज गिर सकती है।