Thursday, November 4, 2010

जल्दी से जा बजार मोरे राजा, नाही त हो जाई अन्हार मोरे राजा।

जल्दी से जा बजार मोरे राजा, नाही त हो जाई अन्हार मोरे राजा।

गरम-गरम जलेबिया का स्वाद मोरे राजा।

जिभिया चटोर, पेटवा हवे परेशान मोरे राजा।

जल्दी से जा बजार मोरे राजा, नाही त हो जाई अन्हार मोरे राजा।

लेले आइआ दिया अउर अनार मोरे राजा, आइल बा दिवाली क त्यौहार मोरे राजा।

समोसवा, टिकिअवा अउर आचार मोरे राजा,

टुनटुन मोढ़े पे लागल बा बजार मोरे राजा।

जल्दी से जा बजार मोरे राजा, नाही त हो जाई अन्हार मोरे राजा।

10 comments:

Tausif Hindustani said...

बढ़िया भोजपुरिया अंदाज़
इसे भी पढ़ें :dabirnews.blogspot.com

फ़िरदौस ख़ान said...

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं...

shikha shukla said...

जल्दी से जा बजार मोरे राजा, नाही त हो जाई अन्हार मोरे राजा।
badiya prstuti.......................

http:.//baatbatasha.blogspot.com

राज भाटिय़ा said...

आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामाएं

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

बड़ी मजेदार चीजें मंगाई जा रही हैं...

जी.के. अवधिया said...

दीपावली के इस शुभ बेला में माता महालक्ष्मी आप पर कृपा करें और आपके सुख-समृद्धि-धन-धान्य-मान-सम्मान में वृद्धि प्रदान करें!

Dorothy said...

सहज सरल जीवन की खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.

इस ज्योति पर्व का उजास
जगमगाता रहे आप में जीवन भर
दीपमालिका की अनगिन पांती
आलोकित करे पथ आपका पल पल
मंगलमय कल्याणकारी हो आगामी वर्ष
सुख समृद्धि शांति उल्लास की
आशीष वृष्टि करे आप पर, आपके प्रियजनों पर

आपको सपरिवार दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएं.
सादर
डोरोथी.

VICHAAR SHOONYA said...

आपको सपरिवार दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें।

कुमार राधारमण said...

अन्हार होने की कल्पना से ही बीवी लोग रोमांचित हो जाती है। मगर यहां तो..... हे भगवान!

अशोक बजाज said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति .

कृपया ग्राम-चौपाल में पढ़ें --
" प्रदूषण के डर से , ना निकला घर से "

http://www.ashokbajaj.com/2010/11/blog-post_07.html