जिंदगी तो सभी जीते हैं , जियो मगर थोड़ा हट के। अपना शौक है , घूमना और स्वादिस्ट भोजन।
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Friday, January 29, 2010
धर्म या इन्सान कौन बड़ा.
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धर्म या इन्सान आखिर दोनों मैं सर्वप्रिय कौन है, क्या धर्म के आगे इंसानियत बौनी हो गई या इंसानियत के आगे धर्म बौना हो गया । शायद धर्म बनाने व...
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Sunday, January 24, 2010
तेरे बाप के पास तो मस्त पटाखा मॉल है न खुद चलाता है न औरो को चलाने देता है
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मोहल्ले वाले कहते हैं की तेरे बाप के पास तो मस्त पटाखा मॉल है न खुद चलाता है न औरो को चलाने देता है । ( एक छो...
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Saturday, January 23, 2010
तेरे बाप के पास तो मस्त पटाखा मॉल है न खुद चलता है न औरो को चलाने देता है।
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मोहल्ले वाले कहते हैं की तेरे बाप के पास तो मस्त पटाखा मॉल है न खुद चलाता है न औरो को चलाने देता है । ( एक छो...
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Friday, January 22, 2010
जी..के.अवधिया जी और उनका चस्मा
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मासा अल्ला कमाल का चेहरा लगता है अवधिया जी का और वो भी चश्मे में तो बिलकुल ही जोन इब्राहीम लगते है, कंही मल्लिका की नज़र न लग जाये , अवधिया...
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Thursday, January 21, 2010
क्या सचमुच भारतीय -पेटू होते हैं.
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हैं ना मजेदार मुद्दा , कभी आपने सोचा है की क्या सचमुच भारतीय पेटू होते है । मुझे तो ये सच लगता है , आखिर हो भी क्यों ...
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Wednesday, January 6, 2010
हिन्दू-अन्धविश्वास और परम्परा
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अन्धविश्वास समाज द्वारा बनाई गई जीने की परम्परा hai। हिंदुस्तान मैं ही नहीं पूरी दुनिया में हजारो सालो से चली आ रही...
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मुसलमान और आतंक- आखिर इतने करीब क्यों
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आखिर क्या वजह हो सकती है , इतनी घनिष्टता की , इतने गहरे रिश्ते की ( मुसलमान और आतंक ), हिंदुस्तान , पाकिस्तान , अफगानिस्तान ,...
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